Indira Gandhi Institute of Medical Sciences यानी IGIMS एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला एक MBBS छात्र के साथ कथित मारपीट का है, जिसने पूरे संस्थान में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। घटना के बाद मेडिकल छात्रों ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना न्यूरो सर्जरी OPD के बाहर हुई, जहां एक MBBS छात्र अपने रिश्तेदार का इलाज कराने पहुंचा था। आरोप है कि OPD अटेंडेंट और सुरक्षा गार्डों ने मिलकर छात्र के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद IGIMS परिसर में घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्र 2022 बैच का फाइनल ईयर MBBS छात्र है। छात्र अपने एक बीमार रिश्तेदार को इलाज के लिए IGIMS के न्यूरो सर्जरी विभाग में लेकर पहुंचा था। छात्र का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसने अस्पताल कर्मियों से जल्दी डॉक्टर दिखाने की गुजारिश की।
छात्र ने अपना संस्थान का ID कार्ड भी दिखाया और मेडिकल इमरजेंसी की बात कही, लेकिन काफी देर तक इलाज शुरू नहीं हुआ। इसी दौरान OPD अटेंडेंट और छात्र के बीच बहस हो गई। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद अटेंडेंट ने सुरक्षा गार्डों को बुला लिया और फिर छात्र के साथ मारपीट की गई।
छात्र ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित छात्र का कहना है कि उसे दौड़ाकर पीटा गया, बाल पकड़कर घसीटा गया और सिक्योरिटी रूम तक ले जाया गया। वहां भी गार्डों ने उसके साथ बदसलूकी की। छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह खुद इलाज कराने गया, तब भी एक अन्य गार्ड ने उसके साथ फिर मारपीट की।
यह पूरा मामला सामने आने के बाद मेडिकल छात्रों में भारी नाराजगी फैल गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे CCTV वीडियो ने भी इस विवाद को और हवा दे दी। वीडियो में कथित तौर पर छात्र और गार्डों के बीच हाथापाई दिखाई दे रही है।
छात्रों का प्रदर्शन और हंगामा
घटना के बाद बड़ी संख्या में MBBS छात्र अस्पताल परिसर में इकट्ठा हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 150 से ज्यादा छात्रों ने OPD से लेकर कंट्रोल रूम तक प्रदर्शन किया। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए दोषी अटेंडेंट और सुरक्षा गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने छात्रों को शांत कराने की कोशिश की। कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर रणक्षेत्र जैसा दिखाई देने लगा।
RDA ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
IGIMS के Resident Doctors Association (RDA) ने भी इस घटना की निंदा की है। RDA अध्यक्ष डॉ. रजत कुमार ने कहा कि छात्र ने अपना परिचय स्पष्ट रूप से दिया था और वह मेडिकल सहायता मांग रहा था। इसके बावजूद उसके साथ हिंसा की गई।
RDA का कहना है कि पूरी घटना CCTV में रिकॉर्ड हुई है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जूनियर डॉक्टरों और MBBS छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं।
प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
मामला बढ़ने के बाद IGIMS प्रशासन हरकत में आया। संस्थान की ओर से एक सुरक्षा गार्ड को प्राथमिक जांच में दोषी मानते हुए तत्काल निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है।
मेडिकल छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने IGIMS निदेशक से मुलाकात कर लिखित शिकायत भी सौंपी और FIR दर्ज कराने की मांग की। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना केवल एक छात्र और गार्ड के बीच विवाद नहीं मानी जा रही, बल्कि इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को इलाज में देरी का सामना करना पड़ता है। कई बार छोटी बहस भी हिंसक झड़प में बदल जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में बेहतर संवाद व्यवस्था और संवेदनशील व्यवहार की जरूरत है। मेडिकल छात्रों का कहना है कि अगर एक मेडिकल छात्र भी अस्पताल में सुरक्षित नहीं है, तो आम मरीजों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पहले भी विवादों में रहा है IGIMS
यह पहली बार नहीं है जब IGIMS विवादों में आया हो। हाल के महीनों में संस्थान में परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे आरोप भी सामने आए थे। इसके अलावा नर्सिंग छात्रों के विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक अव्यवस्था की खबरें भी सुर्खियों में रही हैं।
इन लगातार विवादों से संस्थान की छवि प्रभावित हो रही है। बिहार के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में शामिल IGIMS से लोग बेहतर व्यवस्था और अनुशासन की उम्मीद करते हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने अस्पताल प्रशासन की आलोचना की, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि अस्पतालों में तनावपूर्ण माहौल के कारण ऐसे विवाद बढ़ रहे हैं।
कुछ यूजर्स ने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। वहीं कई लोगों ने यह मांग की कि अस्पतालों में CCTV निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
निष्कर्ष
पटना के IGIMS में MBBS छात्र के साथ कथित मारपीट की घटना ने पूरे मेडिकल संस्थान को हिला दिया है। CCTV वीडियो सामने आने और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद मामला अब प्रशासन और पुलिस जांच के अधीन है। फिलहाल एक सुरक्षा गार्ड को निलंबित किया गया है और जांच कमेटी बनाई गई है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। यह घटना अस्पतालों में सुरक्षा, व्यवहार और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।





