पटना: बिहार में बस यात्रियों को अब सफर के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे। राज्य सरकार ने 1 जून 2026 से सरकारी बसों के किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर दी है। यह फैसला बढ़ती डीजल कीमतों, रखरखाव खर्च और परिवहन संचालन लागत को देखते हुए लिया गया है। नई दरें साधारण, डीलक्स और एसी बसों समेत सभी श्रेणियों की बस सेवाओं पर लागू होंगी।

क्यों बढ़ाया गया बस किराया?
परिवहन विभाग के अनुसार पिछले कई वर्षों से बस किराए में संशोधन नहीं किया गया था। इस दौरान डीजल की कीमतों, स्पेयर पार्ट्स, कर्मचारियों के वेतन और बस संचालन से जुड़े अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है। इन्हीं कारणों से किराए का पुनर्निर्धारण आवश्यक हो गया था।
नई किराया दरें क्या होंगी?
नई अधिसूचना के अनुसार साधारण बसों में 50 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए किराया लगभग 1.73 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है, जबकि पहले यह 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर था।
साधारण बस
- 50 किमी तक: ₹1.73 प्रति किमी
- 100 किमी तक: ₹1.71 प्रति किमी
- 300 किमी से अधिक: ₹1.65 प्रति किमी
डीलक्स बस
- 50 किमी तक: ₹1.96 प्रति किमी
- 100 किमी तक: ₹1.94 प्रति किमी
एसी बस
- 50 किमी तक: ₹2.30 प्रति किमी
- 100 किमी तक: ₹2.28 प्रति किमी
नई दरों के लागू होने के बाद यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक किराया देना होगा।
आम यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?
बस किराए में वृद्धि का सबसे ज्यादा असर रोजाना यात्रा करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। कई यात्रियों का कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू बजट प्रभावित है, ऐसे में बस किराए में बढ़ोतरी अतिरिक्त बोझ साबित होगी।
निजी बसों के किराए में भी बढ़ोतरी
सरकारी बसों के साथ-साथ निजी बस संचालकों ने भी किराए में 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि करने की घोषणा की है। ऐसे में राज्य के अधिकांश रूटों पर यात्रा पहले से महंगी हो जाएगी।
अधिक किराया वसूलने पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नई किराया व्यवस्था की निगरानी करें। यदि कोई बस संचालक निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
बिहार में 1 जून 2026 से लागू हुई नई किराया दरों ने बस यात्रा को महंगा बना दिया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए लिया गया है, जबकि यात्रियों को अब अपनी जेब पर अतिरिक्त भार झेलना पड़ेगा। आने वाले दिनों में इसका असर राज्य के लाखों दैनिक यात्रियों पर देखने को मिल सकता है।





